थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लछिरामपुर में अवैध असलहा फैक्ट्री की सूचना पर पहुँची पुलिस टीम की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस व DPO टीम की पड़ताल में यह पूरा मामला आधारहीन पाया गया और असलहा फैक्ट्री संबंधी आरोप फर्जी निकले।वादिनी रागिनी सिंह द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि उसके ससुराल स्थित घर में अवैध असलहा निर्माण का सामान मौजूद है और विरोध के चलते उसे घर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। वादिनी ने यह भी बताया कि न्यायालय ने 15 सितंबर 2025 को उसे पति के घर में रहने का आदेश दिया था।
न्यायालय के आदेश के पालन में DPO टीम व थाना कोतवाली पुलिस वादिनी को उसके घर लेकर पहुँची, जहाँ मौजूद परिजन—
- कुँवर सत्येन्द्र प्रताप सिंह
- कुँवर विक्रम सूर्यवंश सिंह
- कुँवर शैलेन्द्र प्रताप सिंह
- पार्वती सिंह
- वनिशा सिंह
ने वादिनी व उसके बच्चों को देखकर गाली-गलौज किया और टीम के समझाने पर भी सहयोग नहीं किया।
वादिनी ने घर में अवैध असलहा निर्माण की सामग्री होने का आरोप लगाया, जिस आधार पर मु0अ0सं0 613/2025, धारा 352 BNS व 3/25/35 Arms Act के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ग्राम लक्षीरामपुर पहुँची। जांच में पाया गया:
- घर में निर्माणाधीन बाथरूम व मकान से जुड़ा घरेलू, प्लम्बिंग व इलेक्ट्रिक सामान ही मौजूद था।
- अवैध असलहा निर्माण का कोई भी उपकरण, मशीनरी या सामग्री नहीं मिली।
- स्थानीय लोगों के अनुसार घर में केवल पार्वती देवी (उम्र 65 वर्ष) रहती हैं।
- कोई भी किरायेदार नहीं पाया गया।
- वादिनी द्वारा वायरल वीडियो में दिखाया गया सामान घरेलू उपयोग का था, जिसे असलहा फैक्ट्री बताकर पेश किया गया।