Sun. Sep 6th, 2026

पुलिस कर्मी द्वारा अवैध धनराशि माँगने का मामला: दोषी पाए जाने पर मुकदमा दर्ज, निलंबन

शेयर जरूर कीजिए.

आजमगढ़। थाना देवगांव क्षेत्र में भ्रष्टाचार का एक मामला प्रकाश में आया है, जिसमें वादी आकाश चौहान पुत्र रामजियावन चौहान, ग्राम मिर्जापुर ने थाने में तैनात उपनिरीक्षक पर अवैध धनराशि माँगने का गंभीर आरोप लगाया था।

वादी ने शिकायत में बताया कि ग्राम प्रधान सोनू प्रजापति एवं उसके साथियों द्वारा पुरानी रंजिश को लेकर उनके साथ मारपीट की गई थी, जिसके संबंध में तीन नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध थाना देवगांव पर मुकदमा दर्ज है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक लालबहादुर प्रसाद कर रहे थे। आरोप है कि विवेचना के दौरान उपनिरीक्षक ने अभियुक्तों को जेल भेजने, चार्जशीट लगाने और त्वरित कार्रवाई करने के नाम पर वादी से ₹5000 की अवैध मांग की।शिकायत को गंभीर मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया और स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच के लिए क्षेत्राधिकारी लालगंज को जांच सौंपी।जांच रिपोर्ट के अनुसार, उपनिरीक्षक लालबहादुर प्रसाद प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए। शिकायत में दर्ज आरोप—अवैध धनराशि की मांग—जांच में सत्यापित हुए, जो पुलिस विभाग की शुचिता और आचरण संहिता के विरुद्ध है।

कड़ी विधिक कार्रवाई

जांच के आधार पर देवगांव थाने में उपनिरीक्षक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

  • मुकदमा संख्या: मु0अ0सं0 441/2025
  • धारा: 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988
  • आरोपी उपनिरीक्षक को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
  • विभाग ने उन्हें निलंबित भी कर दिया है।पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली या अनैतिक मांग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने शून्य सहनशीलता की नीति दोहराते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों में संलिप्त किसी भी कर्मचारी पर तत्काल कड़ी विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सभी पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने सभी कर्तव्यों का निर्वहन निष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करें।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *