आजमगढ़। जनपद में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के अंतर्गत प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर वर्ष 1999 के बहुचर्चित हत्या मामले में 12 अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा दोषी करार देते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास एवं 66,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 अप्रैल 1999 को वादी नासिर हुसैन पुत्र मो. अय्यूब निवासी पुरानी बस्ती बखरी थाना मुबारकपुर ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मोहर्रम के जुलूस से लौटते समय उनके चाचा अली अकबर की मारपीट कर हत्या कर दी गई तथा शव को राजा भाट के पोखरे में छिपा दिया गया।
इस संबंध में थाना मुबारकपुर पर मु0अ0सं0 94/1999 धारा 147, 148, 149, 302, 120B, 201 भादवि के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान 8 गवाहों का परीक्षण कराया गया।
दिनांक 17 फरवरी 2026 को जनपद न्यायाधीश न्यायालय, आजमगढ़ ने मामले में अभियुक्तों को दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास तथा 66,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
जनपद पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन कनविक्शन के तहत गंभीर अपराधों में सशक्त विवेचना, मॉनिटरिंग और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाने का अभियान लगातार जारी रहेगा।