आजमगढ़, 1 जून 2025: थाना तरवां क्षेत्र के नदवा गांव में चुनावी रंजिश को लेकर हुए जानलेवा हमले के मामले में स्थानीय अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 2016 में हुई इस वारदात के पांचों आरोपियों को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, सभी पर 01-01 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
दिनांक 16 मई 2016 को वादिनी श्रीमती किशनौता देवी पत्नी कमला गिरी ने थाना तरवां में एक तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 15 मई 2016 को गांव के ही पांच अभियुक्तों –
- उमेश गिरी उर्फ अंकुर गिरी
- राजन गिरी
- नीरज गिरी
- राम प्रवेश गिरी
- राम दुलारे गिरी
(सभी निवासी: नदवा, थाना तरवां, जनपद आजमगढ़) ने उनके पति कमला गिरी पर चुनावी रंजिश के चलते जान से मारने की नीयत से गोली चला दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस मामले में थाना तरवां पर मु.अ.सं. 67/2016, धारा 147, 148, 149, 307, 504, 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की और मामले में 08 गवाहों की गवाही दर्ज हुई।
लगभग नौ साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद, 31 मई 2025 को मा0 अपर सत्र न्यायाधीश / एफटीसी कोर्ट संख्या-02, आजमगढ़ ने सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और ₹1-1 लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई।
यह फैसला न्याय प्रणाली में आमजन की आस्था को और मजबूत करता है। वर्षों पुराना यह मामला अब अपने न्यायिक निष्कर्ष पर पहुंचा है, जिससे पीड़ित परिवार को कुछ हद तक न्याय की राहत मिली है।



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