

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आजमगढ़ जिले के डाकघर में छापा मारते हुए सब डिविजनल इंस्पेक्टर, ओवरसीयर और डाक सहायक को गिरफ्तार किया है। यह छापेमारी इतनी गुप्त रखी गई कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी।
रिश्वतखोरी का मामला
डाक विभाग के तीनों कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से ₹25,000 की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता का चयन रसूलपुर नंदलाल शाखा, भारतीय डाक, आजमगढ़ में शाखा पोस्ट मास्टर (ग्रामीण डाक सेवा) के पद पर हुआ था। इन अधिकारियों ने उससे पदभार ग्रहण करने की अनुमति देने के एवज में रिश्वत मांगी। बातचीत के दौरान आरोपियों ने रकम घटाकर ₹10,000 कर दी थी।
रंगे हाथों गिरफ्तारी
शिकायत मिलने पर CBI ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और तीनों आरोपियों—सब डिविजनल इंस्पेक्टर *रमेश कुमार, ओवरसीयर हेड ब्रिकेश पांडे और पोस्टल असिस्टेंट हेड ऑफिस अच्छेलाल—को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट में पेशी
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को लखनऊ के विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) CBI कोर्ट नंबर-2 में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई से आजमगढ़ जिले में हड़कंप मच गया है।
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