Fri. Sep 25th, 2026

Azamgarh News:विद्युत कर्मियों का निजीकरण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

शेयर जरूर कीजिए.

Azamgarh News:ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में उत्तर प्रदेश के विद्युत कर्मचारियों, अभियंताओं और संविदा कर्मियों ने आज प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत जबरदस्त प्रदर्शन किया। जनपद आजमगढ़ के हाइडिल कार्यालय, सिधारी में भोजनावकाश के दौरान विद्युत कर्मचारियों ने बांहों पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और निजीकरण के खिलाफ जोरदार नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। संयोजक प्रभु नारायण पाण्डेय ‘प्रेमी’ ने कहा कि लखनऊ में कंसल्टेंट नियुक्ति हेतु आयोजित प्री-बिडिंग कॉन्फ्रेंस का कड़ा विरोध किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऊर्जा प्रबंधन बड़े पूंजीपतियों और उद्योगपतियों के साथ मिलकर बिजली का निजीकरण करने की साजिश रच रहा है, जिसका उद्देश्य अधिक मुनाफा कमाना है।

बिजली कर्मचारी नेता सैयद मुनौव्वर अली ने कहा कि कंसल्टेंट ऐसे दस्तावेज तैयार करते हैं, जो कॉर्पोरेट घरानों के हित में होते हैं। यह एक मिलीभगत है, जिसे रोकना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निजीकरण से बिजली महंगी होगी, बेरोजगारी बढ़ेगी और गरीब जनता को “लालटेन युग” में लौटना पड़ेगा।

प्रदर्शन में भाग लेने वालों ने सरकार को चेतावनी दी कि निजीकरण से भयानक दुष्परिणाम होंगे। सभा की अध्यक्षता ई. उपेंद्र नाथ चौरसिया ने की। प्रमुख वक्ताओं में प्रभु नारायण पाण्डेय ‘प्रेमी’, ई. रवि अग्रवाल, ई. ईशान दत्त मिश्रा, सैयद मुनौव्वर अली, धर्मू प्रसाद यादव, रोशन यादव और अन्य शामिल रहे।

सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण प्रदेश के विकास में अवरोध उत्पन्न करेगा और गरीब उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण बढ़ाएगा। उन्होंने सरकार से इस कदम को तुरंत रोकने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे निजीकरण के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करेंगे और इसे किसी भी सूरत में सफल नहीं होने देंगे।

यह भी पढ़ें 

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *