, आजमगढ़ पुलिस के परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण की पहल से चार परिवारों के टूटते रिश्तों को नया सहारा मिला। बुधवार को थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ में आयोजित बैठक में काउंसलिंग और मध्यस्थता के माध्यम से चार पारिवारिक मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कराया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक यातायात एवं नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के पर्यवेक्षण में आयोजित बैठक में कुल पांच मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। इनमें से चार मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए, जबकि एक मामले में अगली तिथि निर्धारित कर पुनः नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया।
परिवार परामर्श प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने दहेज प्रताड़ना, घरेलू कलह, मारपीट, पारिवारिक विवाद और वैवाहिक मतभेद से जुड़े मामलों में दोनों पक्षों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। काउंसलिंग के दौरान आपसी संवाद, सहनशीलता और पारिवारिक मूल्यों के महत्व को समझाते हुए रिश्तों में आई दूरियों को कम करने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप सभी चार मामलों में आपसी सहमति से समझौता हो गया और परिवारों में पुनः सामंजस्य स्थापित हुआ।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ‘नई किरण’ प्रोजेक्ट का उद्देश्य पारिवारिक विघटन को रोकना, बिखरते रिश्तों को जोड़ना तथा परिवारों में सौहार्दपूर्ण वातावरण स्थापित करना है। यह पहल न केवल परिवारों को नई दिशा प्रदान कर रही है, बल्कि पारिवारिक न्यायालयों पर बढ़ते मामलों के बोझ को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
बैठक में प्रभारी परिवार परामर्श प्रकोष्ठ उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रसाद तिवारी, आरक्षी सुनील कुमार गुप्ता तथा महिला आरक्षी नेहा सिंह उपस्थित रहे।
आजमगढ़ पुलिस का ‘नई किरण’ प्रोजेक्ट सामाजिक सौहार्द और पारिवारिक एकता को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी एवं मानवीय पहल के रूप में उभर रहा है।