थाना गंभीरपुर पुलिस की मिशन शक्ति टीम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भरण-पोषण के मामले में पीड़िता/वादिनी सविस्ता को उनके पति से ₹1,34,000 की राशि दिलाई। यह राशि न्यायालय के आदेश पर वसूली वारंट की कार्यवाही के तहत आवेदिका के यूनियन बैंक खाते में जमा कराई गई। मामला मा0 न्यायालय प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय प्रथम, आजमगढ़ में लंबित परिवाद संख्या 21/2016 (सविस्ता बनाम आलम) से जुड़ा था। धारा 128 दंड प्रक्रिया संहिता व 144 BNSS के अंतर्गत चल रहे इस मामले में अभियुक्त मो0 आलम पुत्र अबुल कैश, निवासी मोहम्मदपुर थाना गंभीरपुर, को भरण-पोषण राशि जमा करने का आदेश दिया गया था।आरोपी न्यायालय के आदेश की लगातार अवहेलना कर रहा था, जिस पर 22 अगस्त 2025 को वसूली वारंट निर्गत हुआ। इसके बाद गंभीरपुर पुलिस व महिला हेल्प डेस्क/मिशन शक्ति टीम ने कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को पकड़ा और प्रभावी पैरवी कराते हुए न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराया। टीम के प्रयासों से आरोपी द्वारा क्रमशः ₹49,000, ₹49,000, ₹12,500 और ₹34,000 की राशि (कुल ₹1,34,000) 01 अक्टूबर तक पीड़िता के खाते में जमा कराई गई। उल्लेखनीय है कि वादिनी सविस्ता की शादी 20 दिसंबर 2013 को हुई थी। 02 मार्च 2014 से वैवाहिक विवाद जारी है। उनका एक 11 वर्षीय बच्चा भी है। परेशान होकर वादिनी ने 03 अप्रैल 2014 को न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। मिशन शक्ति टीम में उ0नि0 रामाश्रय प्रसाद व महिला हेल्प डेस्क की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई में सराहनीय भूमिका निभाई।पीड़िता सविस्ता ने धनराशि प्राप्त होने के बाद आजमगढ़ पुलिस, न्यायालय एवं सरकार का आभार व्यक्त किया।