आजमगढ़: सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य था कि आम जनता की समस्याओं का मौके पर त्वरित समाधान किया जाए। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सुनील कुमार धनवंत के निर्देशन में इस समाधान दिवस का आयोजन किया गया था। मौके पर एसडीएम खुद फरियादियों की समस्याएं सुनने में व्यस्त थे, लेकिन अन्य कर्मचारी अपने कर्तव्यों से भटके नजर आए।
तहसील परिसर में मौजूद कई कर्मचारी फरियादियों की सुनवाई की बजाय मनोरंजन में लीन दिखाई दिए। कोई मोबाइल पर वीडियो गेम खेलने में मशगूल था तो कोई reels देखने में व्यस्त रहा। यह दृश्य फरियादियों के लिए निराशाजनक था, जो न्याय की उम्मीद लेकर तहसील पहुंचे थे।
इस लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद एसडीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
उधर, मंडलायुक्त विवेक, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, और एसडीएम समाधान दिवस पर जनसमस्याओं के समाधान में जुटे रहे, वहीं कुछ कर्मचारी लापरवाही की मिसाल पेश करते रहे।
यह घटना सवाल खड़े करती है कि जब समाधान दिवस पर ही कर्मचारी गंभीर नहीं होंगे तो आम दिनों में आम जनता को कैसे त्वरित न्याय मिलेगा?




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