क्या है पूरा मामला
गाजीपुर जिले के रहने वाले सैन्यकर्मी दीपक यादव का शनिवार की सुबह गंगा नदी के हुकुमछपरा घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के इस भावुक क्षण में दीपक के आठ माह के दुधमुंहे बेटे दिव्यांश ने उन्हें मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
रेवती थाने के सब इंस्पेक्टर प्रभाकर शुक्ला ने जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इससे पहले शुक्रवार की देर रात उपजिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार से बात कराई, जिन्होंने परिजनों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष मामला रखने और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
शनिवार सुबह सात बजे हुकुमछपरा गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि दीपक आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी मौत की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। गंगा घाट पर समाजसेवी विनय, राजेंद्र, जय प्रकाश समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
वहीं शुक्रवार को जब दीपक यादव का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन और ग्रामीण दीपक की मौत को संदिग्ध मानते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।



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