Azamgarh News: साइबर फ्रॉड के ₹52,025 पीड़िता के खाते में वापस, थाना फूलपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई

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आजमगढ़। थाना फूलपुर पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में सराहनीय कार्य करते हुए पीड़िता के खाते में ₹52,025 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई है। यह कार्रवाई साइबर हेल्पडेस्क की तत्परता और तकनीकी समन्वय का परिणाम है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता कुसुम यादव पत्नी पंकज सिंह यादव, निवासी सुरिश थाना शाहगंज जनपद जौनपुर (वर्तमान पता मुड़ियार, थाना फूलपुर, आजमगढ़) के साथ 05 जुलाई 2025 को अज्ञात साइबर अपराधियों ने ठगी की घटना को अंजाम दिया। ठगों ने रिश्तेदार के विदेश में फंसे होने का झांसा देकर भावनात्मक दबाव बनाया और ₹80,000 की धनराशि ट्रांसफर करा ली।

घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। थाना फूलपुर की साइबर हेल्पडेस्क ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खातों को ट्रेस किया और ₹80,000 में से ₹52,025 की राशि आरोपियों के खातों में होल्ड करा दी।

इसके बाद न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त कर बैंक के नोडल अधिकारी से समन्वय स्थापित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप होल्ड की गई ₹52,025 की धनराशि पीड़िता के खाते में वापस करा दी गई।

पुलिस के अनुसार, इस प्रकार के साइबर अपराध में ठग आमतौर पर रिश्तेदार या परिचित बनकर कॉल या मैसेज करते हैं और “विदेश में फंसे हैं” या “आपात स्थिति है” जैसे बहाने बनाकर लोगों को जल्दबाजी में पैसे भेजने के लिए मजबूर करते हैं। इसके लिए वे फर्जी बैंक खाता या UPI आईडी का इस्तेमाल करते हैं।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें। पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर सत्यापन अवश्य करें। OTP, बैंक डिटेल या UPI PIN किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध लिंक, ऐप या QR कोड से दूर रहें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, जिससे धनराशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक दयानन्द, कांस्टेबल दुर्गेश कुमार विश्वकर्मा और महिला कांस्टेबल पूजा पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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