आजमगढ़। जनपद में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत जनपदीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप एक पुराने मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए न्यायालय ने सजा सुनाई है। थाना कन्धरापुर में पंजीकृत गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी देने के मामले में माननीय न्यायालय ने आरोपी को न्यायालय उठने तक के कारावास एवं 2100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले के अनुसार, दिनांक 12 दिसंबर 2006 को वादी मुकदमा अली अहमद पुत्र सुलेमान, निवासी मातनपुर, थाना कन्धरापुर, जनपद आजमगढ़ ने थाने पर लिखित तहरीर दी थी कि अभियुक्त मनकी पुत्र मुनेश्वर, निवासी मातनपुर, थाना कन्धरापुर द्वारा वादी की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया गया। जब वादी ने इसका विरोध किया तो अभियुक्त द्वारा गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।
इस संबंध में थाना कन्धरापुर पर मु0अ0सं0-584/2006 के तहत धारा 504, 506, 352 एवं 427 भारतीय दंड संहिता में अभियोग पंजीकृत किया गया था। विवेचना पूर्ण होने के उपरांत अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र माननीय न्यायालय में दाखिल किया गया।
अदालत में अभियुक्त द्वारा जुर्म स्वीकार किए जाने के आधार पर दिनांक 20 जनवरी 2026 को माननीय ए0सी0जे0एम0-10 न्यायालय, आजमगढ़ द्वारा अभियुक्त मनकी पुत्र मुनेश्वर को दोषसिद्ध पाया गया और उसे न्यायालय उठने तक के कारावास तथा 2100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने इस सफलता को ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया है, जिससे पुराने मामलों में भी दोषियों को सजा दिलाई जा रही है।