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असली करेंसी को नकली बताकर रुपये तिगुना करने के नाम पर टप्पेबाजी, बरदह पुलिस ने 06 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार, 85 हजार रुपये नकद व बाइक बरामद

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आजमगढ़ – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बरदह थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दिनांक 17 अप्रैल 2025 को थाना बरदह की पुलिस टीम ने दिनांक 16.04.2025 को राजागंज बाजार में असली करेंसी को नकली बताकर रुपये तिगुना करने के नाम पर की गई टप्पेबाजी की घटना का खुलासा करते हुए 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तारी का विवरण: बरदह पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के पास से टप्पेबाजी में लूटे गए ₹85,000 नकद, 03 मोबाइल फोन, तथा एक मोटरसाइकिल (CD डीलक्स नंबर UP50AU3369) बरामद की गई है।

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम:

  1. शंकर उर्फ उमाशंकर पुत्र स्व. टिल्लू (थाना देवगांव, आजमगढ़)
  2. अरविंद गौतम पुत्र लालजीत गौतम (थाना गंभीरपुर, आजमगढ़)
  3. राम हरख पुत्र बिरजू (थाना देवगांव, आजमगढ़)
  4. प्रदीप पुत्र कालीचरण (थाना गंभीरपुर, आजमगढ़)
  5. रामाशीष पुत्र बिहारी (थाना केराकत, जौनपुर)
  6. अर्जुन पुत्र प्रेमचंद (आरक्षी, थाना बरदह, आजमगढ़, वर्तमान में थाना राजातालाब, वाराणसी में तैनात)

घटना का संक्षिप्त विवरण: विवेचना के अनुसार, वादी क्षमानंद यादव दिनांक 13 अप्रैल 2025 को गोसाईगंज बाजार में निजी कार्य हेतु गए थे, जहां दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनसे रुपये तिगुना करने का लालच देकर विश्वास में लिया। 16 अप्रैल को राजागंज बाजार में बुलाकर 95,000 रुपये लिए और फिर नकली पुलिस बनकर आए दो अन्य साथियों की मदद से रुपये लूट लिए।

अभियुक्तों का टप्पेबाजी का तरीका: पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि यह गिरोह पहले लोगों को लालच देकर विश्वास में लेता था। नोटों को नकली साबित करने के लिए बैद्यनाथ की कब्ज की कैप्सूल का पाउडर असली नोटों पर छिड़कते और पानी डालने पर नोट का रंग बदल जाता, जिससे पीड़ित को नोट नकली लगने लगता। फिर सुनसान स्थान पर बुलाकर आरक्षी की वर्दी में मौजूद अर्जुन मौके पर आता और पुलिसिया कार्रवाई का भय दिखाकर रकम लेकर फरार हो जाते थे।

गिरफ्तारी टीम:

  • उप निरीक्षक मनीष सिंह
  • उप निरीक्षक पुनीत श्रीवास्तव
  • कांस्टेबल ललित सरोज, विद्याकांत, पंकज कुमार व सुनील सरोज (थाना बरदह)

पुलिस ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्य सुनियोजित तरीके से इस अपराध को अंजाम देते थे। पीड़ित डर के कारण खुलकर शिकायत नहीं करते थे, जिससे यह गिरोह लगातार सक्रिय था। बरदह पुलिस की सतर्कता और तत्परता से इस गिरोह पर अब शिकंजा कस दिया गया है।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के सख्त निर्देशों और मार्गदर्शन का परिणाम है, जो जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की सफलता को दर्शाता है।

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