
आजमगढ़: जनपद पुलिस की प्रभावी विवेचना, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की सशक्त पैरवी के चलते “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत हत्या के तीन आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 1000-1000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
क्या है मामला?
थाना जीयनपुर क्षेत्र के पारीपट्टी निवासी श्री महफूज अहमद ने 13 नवंबर 2006 को थाना जीयनपुर में तहरीर दी थी कि 11 नवंबर 2006 को उनके पिता इब्राहीम पर आरोपियों ने लाठी से हमला कर दिया था, जिससे उनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इस मामले में नौशाद पुत्र स्व. इलियास, अलीमुन निशा उर्फ अनीमुन पत्नी अंसार और शाहजहाँ पत्नी नौशाद को आरोपी बनाया गया था।

इस मामले में थाना जीयनपुर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा संख्या 1056/2006 धारा 304/34, 504, 506 भादवि के तहत केस दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले में कुल 10 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
20 मार्च 2025 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट नंबर-06, जनपद आजमगढ़ ने सुनवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 1000-1000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
पुलिस प्रशासन ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया और कहा कि “ऑपरेशन कनविक्शन” के तहत ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई जारी रहेगी।

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