अपमिश्रित शराब रखने के मामले में आरोपी दोषी करार, कोर्ट ने लगाया 10 हजार रुपये जुर्माना

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आजमगढ़ में “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत पुलिस की प्रभावी विवेचना, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की सशक्त पैरवी के चलते अपमिश्रित शराब रखने के एक पुराने मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।

यह मामला मुबारकपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 18 मार्च 2009 को उपनिरीक्षक दीनानाथ मिश्रा ने चेकिंग के दौरान अभियुक्त विरेन्द्र पुत्र स्वर्गीय शिवमंगल निवासी चकतगे थाना मुबारकपुर जनपद आजमगढ़ को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 15 लीटर तथा 102 पाउच अपमिश्रित शराब बरामद की गई थी।

इस संबंध में थाना मुबारकपुर पर मु0अ0सं0 432/2009 के तहत धारा 272 भादवि एवं 60 आबकारी अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे के दौरान पांच गवाहों की गवाही कराई गई।

मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे-3 न्यायालय, आजमगढ़ ने 29 मई 2026 को अभियुक्त विरेन्द्र को दोषी करार देते हुए जेल में बिताई गई अवधि के कारावास तथा 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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