पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार प्रदेशभर में चल रहे साइबर जागरूकता अभियान के तहत आज सनबीम स्कूल, आजमगढ़ में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री हेमराज मीना के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक/साइबर क्राइम नोडल अधिकारी श्री विवेक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रभारी साइबर सेल उपनिरीक्षक अबुशाद अहमद, उपनिरीक्षक योगेन्द्र प्रसाद यादव (साइबर क्राइम थाना रानी की सराय), हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश जायसवाल, कांस्टेबल विकास कुमार, कांस्टेबल रामाश्रय यादव एवं महिला आरक्षी संज्ञा ने छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया, क्यूआर कोड, ई-वॉलेट जैसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़े साइबर अपराधों से सावधान रहने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
प्रमुख चेतावनियां और सुझाव:
- सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स अपडेट रखें और अनजान कॉल या लिंक से बचें।
- बैंक संबंधित जानकारी कभी भी फोन पर साझा न करें।
- मोबाइल नंबर को पासवर्ड के रूप में न रखें।
- क्यूआर कोड केवल भुगतान करने के लिए होता है, स्कैन कर पैसा नहीं आता।
- गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च न करें, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से ही नंबर प्राप्त करें।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर नए साइबर फ्रॉड से अलर्ट
अपर पुलिस अधीक्षक श्री त्रिपाठी ने बताया कि हाल के दिनों में “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर साइबर अपराध तेजी से बढ़े हैं। अपराधी खुद को पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताकर परिजन की गिरफ्तारी की झूठी सूचना देते हैं और फिर पैसे की मांग करते हैं। ऐसे मामलों में बिना घबराए तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं और किसी भी हाल में पैसे न भेजें।
साइबर क्राइम की शिकायत के लिए:
- टोल फ्री नंबर: 1930
- वेबसाइट: www.cybercrime.gov.in




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