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आजमगढ़ जिला जेल का विधिक निरीक्षण, लीगल एड क्लिनिक और सुविधाओं की हुई गहन समीक्षाआजमगढ़

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माननीय उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आज सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अंकित वर्मा द्वारा जिला कारागार आजमगढ़ का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण की शुरुआत जेल परिसर में स्थित लीगल एड क्लिनिक से की गई, जहां पर नियुक्त पराविधिक स्वयंसेवकों के अभिलेखों एवं निःशुल्क विधिक अधिवक्ता रजिस्टर का अवलोकन किया गया। सभी अभिलेख सुव्यवस्थित एवं सूचनायें दर्ज पायी गईं। क्लिनिक के बाहर स्थापित सुझाव पेटिका को लेकर जेल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी बंदियों को इसकी जानकारी दी जाए, ताकि कोई भी बंदी अपनी समस्या इस माध्यम से प्रकट कर सके।

पाकशाला निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि वहां प्रतिदिन का भोजन मेनू स्पष्ट रूप से अंकित किया जाता है। आज के भोजन में आलू-कद्दू की सब्ज़ी, उड़द की दाल, चावल व रोटी शामिल था। पाकशाला में सफाई, हाइजीन तथा स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था पाई गई।

शौचालयों की स्थिति औसतन स्वच्छ रही। बंदियों के हिस्ट्री टिकट में सभी प्रविष्टियां अद्यतन पाई गईं। साथ ही, गर्मी से राहत देने हेतु जेल परिसर में जगह-जगह घड़ों में पेयजल की व्यवस्था की गई थी। मुलाकातियों के लिए शेड व बैठने की उचित व्यवस्था भी देखी गई।

बाल बैरक के निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक ने जानकारी दी कि कुल 54 बाल बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें से 5 को आज पेशी पर भेजा गया है।

निरीक्षण के उपरांत साक्षरता शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें बंदियों की समस्याओं को सुना गया तथा जेल अधिकारीगण और लीगल एड डिफेन्स काउंसिल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि बंदियों की विधिक समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा सके।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक आदित्य कुमार, जेलर रामनरेश गौतम, डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह, प्रवीण कुमार सिंह (डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल), संदीप कुमार यादव (असिस्टेंट लीगल एड डिफेन्स काउंसिल) एवं जेल के पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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