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अजमेर:ब्यावर ‘बलात्कार और ब्लैकमेल’ मामला: विरोध प्रदर्शन बढ़ने से अजमेर में पूर्ण बंद

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अजमेर : ब्यावर में कथित बलात्कार और ब्लैकमेल मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शनिवार को अजमेर पूरी तरह बंद रहा, जिसमें विभिन्न हिंदू संगठनों ने हिस्सा लिया और मामले की सीबीआई जांच की मांग की।

124 बाजार संघों ने बंद का समर्थन किया

अजमेर में 124 व्यापारिक संगठनों ने बंद को अपना समर्थन दिया और दुकानदारों से अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का आग्रह किया। हालांकि, आवश्यक सेवाओं जैसे कि स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियां और अस्पताल बंद से अप्रभावित रहीं।

कलेक्टर कार्यालय पर ‘आक्रोश विरोध’ रैली

प्रदर्शनकारियों ने सुबह 11:30 बजे एक विशाल ‘आक्रोश विरोध’ रैली निकाली, जो कलेक्टर कार्यालय पर समाप्त हुई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी की और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

‘लव जिहाद’ का आरोप, सीबीआई जांच की मांग

अजमेर के डिप्टी मेयर नीरज जैन ने कहा, “हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। यह केवल ब्लैकमेल या बलात्कार का मामला नहीं है, बल्कि हिंदू नाबालिग लड़कियों को जबरन इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा था। यह लव जिहाद का स्पष्ट मामला है। न्याय में देरी नहीं होनी चाहिए, जैसा कि अजमेर ब्लैकमेल मामले में हुआ था, जहां दोषियों को 33 साल बाद सजा मिली।”

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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

बंद के दौरान सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता दुकानों को बंद करवाते और विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। कुछ वीडियो में कार्यकर्ताओं को लाठियों के साथ भी देखा गया।

आरोपियों पर क्या हैं आरोप?

एफआईआर के अनुसार, अल्पसंख्यक समुदाय के आरोपी निजी स्कूलों की नाबालिग छात्राओं का यौन शोषण कर रहे थे और उन्हें अश्लील तस्वीरों और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया जा रहा था। आरोप यह भी है कि लड़कियों को ‘कलमा’ पढ़ने, रोज़ा रखने और इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला गया।

प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

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