आजमगढ़, 4 जुलाई। जनपद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी तथा अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप अवैध शस्त्र रखने के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 34 दिन के कारावास और 2500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार, थाना तरवां में वर्ष 2008 में दर्ज मुकदमे में आरोपी रविन्द्र यादव उर्फ गब्बर, निवासी ग्राम लखन्सीपुर, थाना मेंहनगर, जनपद आजमगढ़, के कब्जे से पुलिस चेकिंग के दौरान एक देशी कट्टा तथा .315 बोर का एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ था। इस संबंध में तत्कालीन उपनिरीक्षक देवेन्द्र सिंह की तहरीर पर थाना तरवां में मुकदमा अपराध संख्या 66/2008, धारा 3/25 आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 4 जुलाई 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश (एएसजे-3), आजमगढ़ ने आरोपी रविन्द्र यादव उर्फ गब्बर को दोषी ठहराते हुए जेल में बिताई गई 34 दिनों की अवधि के कारावास तथा 2500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
जनपद पुलिस ने बताया कि ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने का अभियान लगातार जारी है।