महाकुंभ स्नान के दौरान हुई भगदड़ में आजमगढ़ जिले के गोपालगंज खालिसपुर गांव निवासी दयाशंकर सिंह (67 वर्ष) की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक अपने गांव के स्वर्गीय विक्रमा सिंह के पुत्र थे और 30 जनवरी को अपनी पत्नी प्रमिला सिंह के साथ महाकुंभ स्नान के लिए गए थे।
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पत्नी से बिछड़े, भगदड़ में गई जान
कुंभ में अचानक मची भगदड़ के दौरान दयाशंकर सिंह और उनकी पत्नी का साथ छूट गया। पत्नी प्रमिला सिंह अपने पति को खोजने के लिए इधर-उधर भटकती रहीं और बार-बार प्रशासन से गुहार लगाती रहीं, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। अंततः आम लोगों ने उनकी सहायता की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जब उन्हें पति की मृत्यु की सूचना मिली, तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि “प्रशासन मूकदर्शक बना रहा, कोई सहायता नहीं मिली।”
गांव में शोक, अंतिम संस्कार दुर्वासा धाम पर
जैसे ही 30 जनवरी सुबह 5 बजे मृतक का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के तीन पुत्र – श्री भगवान सिंह, अजय सिंह, राम आसरे सिंह तथा दो बेटियां – प्रियंका सिंह और रंभा सिंह हैं, जो किसी तरह से अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं।
मृतक का अंतिम संस्कार ऋषि दुर्वासा धाम पर किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अंतिम संस्कार में लेदौरा महाप्रधान हरिकेश यादव, मोनू चौबे, अभिषेक सिंह, विनोद सिंह सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन की लापरवाही को लेकर आक्रोश देखा गया। परिजनों ने कहा कि अगर प्रशासन तत्परता दिखाता, तो शायद कई लोगों की जान बच सकती थी। इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।