ऑपरेशन कनविक्शन/मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत जनपद पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की प्रभावी निगरानी तथा अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप नाबालिग बालक के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म के एक मामले में न्यायालय द्वारा आरोपी को कठोर सजा सुनाई गई है।
थाना बरदह में पंजीकृत इस मामले में मा० विशेष पाक्सो न्यायालय आजमगढ़ ने आरोपी को 07 वर्ष के कठोर कारावास एवं 15,000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
प्रकरण के अनुसार, दिनांक 11 मार्च 2016 को वादी दीपक सोनकर पुत्र मन्नू सोनकर निवासी जिवली थाना बरदह जनपद आजमगढ़ द्वारा लिखित तहरीर दी गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि दिनांक 03 मार्च 2016 को अभियुक्त बच्चूलाल सोनकर पुत्र जयश्री सोनकर निवासी जिवली थाना बरदह जनपद आजमगढ़ द्वारा वादी के नाबालिग पुत्र के साथ जबरन अप्राकृतिक दुष्कर्म किया गया।
इस संबंध में थाना बरदह पर मु0अ0सं0-59/2016 धारा 377, 504, 506 भादवि एवं 3/4 पाक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मुकदमे के दौरान कुल 07 गवाहों का परीक्षण किया गया। समस्त साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दिनांक 29 जनवरी 2026 को मा० विशेष पाक्सो न्यायालय आजमगढ़ द्वारा अभियुक्त बच्चूलाल सोनकर को दोषसिद्ध पाते हुए 07 वर्ष के कठोर कारावास एवं 15,000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।