ऑपरेशन कनविक्शन में बड़ी सफलता: दो गैंगस्टर दोषी, न्यायालय ने सुनाई सजा

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आजमगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत दो अलग-अलग गैंगस्टर मामलों में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की सक्रिय निगरानी और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप दो आरोपी अभियुक्तों को कोर्ट ने दोषसिद्ध पाते हुए जेल में बिताई गई अवधि के कारावास तथा जुर्माना की .

आरोपी: सेराज अहमद
पिता: स्व. मेहराब
निवासी: मातवरगंज, थाना कोतवाली, आजमगढ़
मुकदमा संख्या: 733/1992
धारा: 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट

मामले का विवरण:
22 मई 1992 को तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक डी.पी. शुक्ला ने तहरीर दी थी कि अभियुक्त सेराज अहमद संगठित गिरोह बनाकर अपने तथा गिरोह के आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए अपराध करता है। इस आधार पर गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।

सजा:
मा. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), कोर्ट नंबर 6 ने जुर्म स्वीकार करने पर अभियुक्त को जेल में बिताई गई 11 माह की अवधि को कारावास तथा ₹5,000 अर्थदंड की सजा सुनाई।


दूसरा मामला: थाना सरायमीर

आरोपी: विवेक कुमार
पिता: राजनारायण
निवासी: गंजोर, थाना मेहनगर, आजमगढ़
मुकदमा संख्या: 265/2023
धारा: 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट

मामले का विवरण:
17 सितंबर 2023 को थानाध्यक्ष विवेक कुमार पांडेय ने रिपोर्ट दी कि अभियुक्त विवेक कुमार संगठित गिरोह बनाकर आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है। विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया।

सजा:
मा. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), कोर्ट नंबर 6 ने जुर्म स्वीकार करने के आधार पर अभियुक्त को जेल में बिताई गई 2 वर्ष 1 माह की अवधि को कारावास तथा ₹5,000 अर्थदंड की सजा सुनाई।

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